कैसा इलेक्शन है!! गजब सा टेंशन है
आज की फरमाईश है मजदूर बेरोजगार और गरीब की नार्थ से लेके साऊथ से ईस्ट से लेके वेस्ट तक बोल है अजय निम्बालकर के पेश करते है हर नागरिक के दिल को झंझोड़ने वाला गाना " कैसा इलेक्शन है !! गजब सा टेंशन है . कोई बोले चेहरा है ( कैसा , कैसा इलेक्शन ) कोई माने मोहरा है ( कैसा , कैसा इलेक्शन ) कोई झूठा ही बोले रे कोई नोटों में टोले रे कोई बोले के चोरोंसे है भरा होता सालोंमे फिरसे ये रहता वैसा का वैसा ये नारा गरीबी नौकरी का तेरा " कैसा इलेक्शन है !! गजब सा टेंशन है . कैसा इलेक्शन है !! गजब सा टेंशन है . कैसा इलेक्शन है !! गजब सा टेंशन है . लम्बा लम्बा ये बोले झूठे वादे कराले चाहे पुरे करे या ना करे मनकी बोले नेता जी भी जन की सुने कभी या ना सुने (* २ ) कोई जाती पे बोले रे कोई धरम का पेले रे कोई बोले वो हुतिया है बड़ा आता इलेक्शन जैसे ही रोता नेता ये वैसे ही कल जो ढकता था गरीबी बड़ा " कैसा इलेक्शन है !! गजब सा टेंशन है . कैसा इलेक्शन है !! गजब सा ...