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दृष्टी... तुला बघुन बघतच राहीलो तासंतास दिवसेंदिवस   मिटतां डोळे पुन्हा तुच!   आभाळ तु ...माती तु   सागर तु अन् रेती तु   तुच पाऊस ..तुच ऋुतू ! तुच कवडसा उन तु   नवस्वप्नांची खून तु   तुच रात्र अन् moon तु गझले मधली धुन तु   तुळस तु अन् चाफाही तुच   गुलाबी थंडीच्या वाफाही तु   तुच मंजिरी गुलाब तु   ब्रम्हकमळीया पराग तु   तु सर्वदूर आनंद   पाहतोय तितका असेल जितका निनादी निर्विकार ... अजय निंबाळकर
शब्द   शब्द असती शस्त्र अमुचे शब्दची तलवार रे ना भरोनी ये कशाने घोर याचा वार रे शब्द असती वेदना अन शब्दची ललकार रे एकबाणी तीर जैसा ना असे माघार रे शब्द असतो हाक आणी शब्दची आव्हान रे ठाम असता दिव्य होतो पडतो सरकार रे शब्द असतो ध्येय ज्याला अर्थ असते कर्म रे सत्य असता पर्वताची ना ठेवतो दरकार रे ⁠⁠⁠⁠ शब्द ऐसे दान देई तो ठरावा कर्ण रे पाळला ज्यांनी तयाला इतिहास करतो याद रे शब्द असतो नम्र तेंव्हा होतसे संस्कार रे शब्द बनता उग्र करतो फक्त हाहाकार रे शब्द असतो वाद अन शब्दची संवाद रे शब्द असते ज्ञान सारे        दीर्घ क्षि   तिजापार रे                       - अजय निंबाळकर 

वाह वाह रे सरकार

वाह वाह रे सरकार अरे खोकला जूनून तुम्हारा काले धन को मिटने का देखो पार्टी के खाते पर ,निर्बंध नहीं धनके आने का ! मौत तमाशा बनती है संसद को बहलाने का अधिकार है आपको सालो..से सब जनमत बहकाने का देशभक्त है मरे जो कोई,जाता क्या है कहने का ! सांसद को तो समय नहीं है ATM  तक जाने का नोट बंद है खेत बंद है कितने कीतेने पेट बंद है कहे दरोगा अक्ल नहीं है ! सब्जी online बिकवाने का!! अरे मजाक तो हम बनते है मरे लोग वह बस गिनते है सत्ताधारी विपक्ष दोनों, क्या जाता चिल्लाने का ? लोकतंत्र है लगे न ऐसा,ढेर लगा है नया भी पैसा यही समय है जात धर्म का, कार्ड पुनह खिलवाने का    हम तो वैसे भी सबकेही बहकावे में आते है उनके बेटा परपोते भी सरकार विरासत पाते है विश्वास करो रे इनपर पूरा यही मार्ग है जीने का काले धन का ढेर लगा था ! हमने भी तो यही सुना था अब चुप्पी है दोनोंकी न समय स्विस  बैंक तक जाने का ! घिन आती है नौटंकी से रोनेधोने के बचपन से पागलपन है चूहा मारें सारे घर को जलाने का ! मंत्री संत्री सभी सुनो अब डरो हमें हम देश है...

गझल (प्रयत्न ) - चेहरा

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AJ’S YOUTH CONNECT…..

AJ’S  YOUTH CONNECT….. Hi friends this our new social human connection  forum for the main issue of our Indian youth  “ unemployability” Actually, we are very good in our Facebook, istagram, tinder… bla bla bla… so called social media… But it's too personal rather being social… which gives a bit of depression rather than aggregation towards our focused “ AIM” So we are going to open a help each other forum .. We are going to put forward the new ideas, rays, and practical ways for a brighter future… LETS BEGIN….  ENGINEERING….. Now days due to recession, many of companies are not offering jobs to fresher graduates of more than 80% universities. But still 90% of students wasting their time on Fb, noukari, linkdIn.. No… what I am talking the repeating bloomers.. Why don’t you go for…. masters in foreign countries!!! Which are providing ENOUGH scholarships…. better than salary package of any companies which are mostly open it at 1.2Lk… Bein...

कंगाल

भाव विकत घेउन जीवन जगता येत असतं तर मी तुझं दुःख विकत घेतलं असतं अन् आपल्यामधल्या दुराव्यास फुकटात विकलं असतं घेतला असता तो प्रत्येक अश्रु तुझ्या नयनी ओघळनारा दिला असता तो प्रत्येक शब्द तुला मला दुरावनारा तसे या व्यवहारी तसा माझा तोटाच होईल पण तुझ्या निरागस सुखासाठी मी मनापासून कंगाल होईन .. Ajay Nimbalkar